SEO क्या है? संपूर्ण जानकारी हिंदी में

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SEO kya hai

इंटरनेट पर उत्पादों या सेवाओं की खोज करते समय, लोग मुख्य रूप से सर्च इंजन जैसे कि Google, Yahoo, Bing, आदि पर खोज करते हैं। वे सर्च इंजन उन्हें अपने खोज शब्द के अनुसार सबसे अधिक प्रासंगिक सर्च रिजल्ट दिखाते हैं।

सबसे अधिक प्रासंगिक सर्च रिजल्ट देने के लिए, सर्च इंजनों के अपने एल्गोरिदम होते हैं जो वेबसाइटों की सत्यता, यातायात, प्रासंगिकता आदि की जाँच करते हैं, जो दर्ज किए गए कीवर्ड के साथ होते हैं और उन्हें दर्ज किए गए कीवर्ड के साथ उनकी प्रामाणिकता, ट्रैफ़िक, प्रासंगिकता के अनुसार रैंक करते हैं।

सबसे अधिक प्रासंगिक और प्रामाणिक वेबसाइट को शीर्ष स्थान पर रखा जाता है, और अन्य वेबसाइटों को उनकी प्रामाणिकता और प्रासंगिकता के आधार पर ‘2’ से ‘इत्यादि ‘ स्थान पर रखा जाता है।

सामान्य मानव प्रवृत्ति के अनुसार, लोग हमेशा उन सबसे ऊपरी 3 परिणामों को ही चुनते है और उन्ही वेबसाइट को विजिट करते है। सर्च इंजन के इस एल्गोरिथम को समझने से आपको अपनी वेबसाइट को विशिष्ट खोज शब्द (कीवर्ड) के लिए सर्च इंजन के उन शीर्ष 3 स्थानों पर ले जाने में मदद मिलती है।

SEO क्या है?

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) सर्च इंजन के एल्गोरिथ्म को समझने और उस एल्गोरिथ्म के अनुसार अपनी पोस्ट या वेबसाइट बनाने का एक तरीका है, ताकि उन वेबसाइट या पोस्ट को उस सर्च इंजन पर शीर्ष 3 पदों में स्थान दिया जाए। यह अक्सर डिजिटल मार्केटर्स द्वारा अपने उत्पादों की डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए किया जाता है।

पिछले वर्षों में सर्च इंजन के एल्गोरिथ्म से निपटना आसान था और अपने पोस्ट को सर्च इंजन पर उन 3 शीर्ष पदों में से किसी एक पद पर रखना आसान था। लेकिन वेबसाइटों, वेब डेवलपर्स और ब्लॉगर्स में वृद्धि की वजह से हर कोई शीर्ष 3 पदों पर अपने वेबसाइट या पोस्ट को रैंक करने की कोशिश कर रहा है।

इस वजह से, सर्च इंजन लगातार अपने एल्गोरिथ्म को अपडेट कर रहे हैं और उन्हें समझना मुश्किल बना रहे हैं। जैसा सर्च इंजन एल्गोरिदम को अब समझना मुश्किल है, वैसे ही आपकी पोस्ट को रैंक करना भी कठिन है, लेकिन सर्च इंजन के शीर्ष 3 पदों पर अपने पोस्ट को रैंक करना पूरी तरह से संभव है।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) करने के 3 तरीके हैं  जो हैं:

  1. वाइट हैट SEO 
  2. ग्रे हैट SEO 
  3. ब्लैक हैट SEO
SEO क्या है

SEO के इन 3 तरीकों के बीच, केवल वाइट हैट SEO गूगल की पालिसी के हिसाब से सही तरीका है और अन्य दो तरीके गूगल की पालिसी के हिसाब सेक्स बिल्कुल भी सही नहीं हैं। 

ग्रे हैट या ब्लैक हैट SEO के साथ रैंक किए गए पोस्ट या वेबसाइट को केवल 1 या 2 सप्ताह के लिए रैंक किया जा सकता है। इसके बाद वह पोस्ट या वेबसाइट की रैंकिंग स्वयं सर्च इंजन द्वारा अवरुद्ध या बहिष्कृत किया जा सकता है। इसलिए अपने पोस्ट को व्हाइट-हैट SEO द्वारा रैंक करना हमेशा बेहतर होता है, लेकिन फिर भी हम एसईओ के सभी 3 तरीकों के बारे में जानेंगे और यह भी जानेंगे के कब कब उनका उपयोग किया जाता है।

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1 . वाइट हैट SEO

वाइट हैट SEO आपकी पोस्ट या वेबसाइट को रैंक करने का ऐसा तरीका है जिसमे आप अपने वेबसाइट विज़िटर्स को संपूर्ण जानकारी देने के साथ-साथ सर्च इंजन के जरूरत की सभी चीज़े अपनी वेबसाइट या पोस्ट में डालते है।

व्हाइट हैट SEO आपके पोस्ट को रीडर फ्रेंडली बनाकर और साथ ही सर्च कीवर्ड का उपयोग सिर्फ जहा जरुरी है वही करके अपनी पोस्ट को रैंक करने का सबसे कारगर तरीका है।

व्हाइट हैट SEO से आपकी पोस्ट को रैंक करने के लिए ग्रे और ब्लैक हैट एसईओ की तुलना में ज्यादा समय लेगता है, लेकिन यह आपकी पोस्ट या वेबसाइट को लंबे समय के लिए रैंक रखता है।

वाइट हैट SEO करने के 2 तरीके है :

ऑन पेज वाइट हैट SEO

अपनी पोस्ट लिखते समय ही कीवर्ड, हैडिंग और सही टैग्स इस्तेमाल कर के उसे SEO और रीडर फ्रेंडली बनाना ही ऑन पेज SEO है। 

निचे दिए पॉइंट्स आपको ऑन पेज वाइट हैट सो करने में मदद कर साकेत है :

  • पोस्ट शीर्षक में सर्च कीवर्ड का उपयोग करना।
  • पोस्ट विवरण में सर्च कीवर्ड का उपयोग करना।
  • अपनी पोस्ट के आकार के आधार पर अपनी पोस्ट में न्यूनतम 5 से अधिकतम 8 बार सर्च कीवर्ड का उपयोग करें।
  • कम से कम 1000 से अधिक शब्दों की पोस्ट लिखे।

ऑफ़ पेज वाइट हैट SEO

सर्च इंजन सिर्फ यह नहीं देखता के आपकी पोस्ट कैसी है, बल्कि वह यह भी देखता है की आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी क्या है और आपकी वेबसाइट का उल्लेख कितनी बड़ी वेबसाइट पे है। इसी वजह से ऑफ पेज SEO करना आवश्यक हो जाता है 

निचे दिए पॉइंट्स आपको ऑफ़ पेज वाइट हैट सो करने में मदद कर साकेत है :

  • अपनी वेबसाइट से संबंधित अन्य वेबसाइटों पर अतिथि पोस्ट लिखना और उस अतिथि पोस्ट में अपनी वेबसाइट लिंक छोड़ना।
  • अपनी वेबसाइट को गूगल सर्च कंसोल में जोड़ना। 
  • सर्च कंसोल में साइटमैप प्रदान करना।

2. ग्रे हैट SEO

 ग्रे हैट SEO  मुख्य रूप से कई वेबसाइट मालिकों द्वारा अपनी वेबसाइट को जल्दी से रैंक करने के लिए किया जाता है। इस तरह से आपकी वेबसाइट को उस सर्च इंजन पर प्रतिबंधित करने का जोखिम होता है।

यह तरीका सिर्फ कीवर्ड के बारे में सोचकर और अपनी पोस्ट की पठनीयता को ठीक ठाक रखकर पोस्ट लिखने का एक तरीका है।

यह सर्च इंजन को भ्रमित करने के लिए अपनी पोस्ट में जरुरत से ज्यादा बार कीवर्ड का इस्तेमाल करने (पर इतना भी नहीं के पोस्ट की पठनीयता खराब हो जाये) का तरीका है।

ग्रे हैट SEO करने के 2 तरीके है :

ऑन पेज ग्रे हैट SEO

अपनी पोस्ट को इस हिसाब से लिखना ताकि वो पाठक को पढ़ने में तकलीफ दिए बिना सर्च इंजन को भ्रमित करे, इस प्रक्रिया को ऑन पेज ग्रे हैट SEO कहते है।

इसमें पोस्ट में कीवर्ड्स को ऐसे इस्तेमाल किया जाता है जिससे सर्च इंजन को यह पोस्ट कीवर्ड के हिसाब से शीर्ष स्थान पर रैंक करने लायक लगती है।

निचे दिए पॉइंट्स ऑन पेज ग्रे हैट SEO में किये जाते है :

  • अपनी पोस्ट में जहा जरुरत हो और जहा जरूरत न हो ऐसी सभी जगहों पर कीवर्ड इस्तेमाल करना।
  • हर 1000 शब्दों में 20 से 30 बार कीवर्ड को इस्तेमाल करना।

ऑफ़ पेज ग्रे हैट SEO

ग्रे हैट SEO में जायदातर ऑफ पेज SEO ही किया जाता है। इसमें बैकलिंक्स बनाई जाती है ताकि सर्च इंजन को दिखाया जाए के बाकि वेबसाइट भी आपकी वेबसाइट को रेफेर करती है।

निचे दिए पॉइंट्स ऑफ पेज ग्रे हैट SEO में किये जाते है :

  • लिंक बिल्डिंग करना।
  • डायरेक्टरी सबमिशन करना।
  • कमेंट बैकलिंक्स बनाना।
  • प्रोफाइल बैकलिंक्स बनाना।

3 . ब्लैक हैट SEO

 ब्लैक हैट एसईओ ज्यादातर इवेंट ब्लॉगर्स द्वारा किया जाता है जो चाहते हैं कि उनकी साइट केवल 1 या 2 सप्ताह के लिए रैंक की जाए। भले ही उस समय के बाद उनकी वेबसाइट को प्रतिबंधित कर दिया जाए, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं होती।

यह आपकी वेबसाइट या पोस्ट को सर्च इंजन पर रैंक करने का एक अवैध तरीका है। ब्लैक हैट SEO किसी भी पोस्ट की पठनीयता न देखते हुए उस पोस्ट में हर जगह ज्यादा से ज्यादा बार सर्च कीवर्ड का उपयोग करके किया जाता है।

ब्लैक हैट SEO के लिए लिखी पोस्ट कीवर्ड्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर के केवल सर्च इंजन को भ्रमित करने के लिए लिखी जाती है। इसमें सिर्फ सर्च इंजन के बारे में सोचा जाता है और पोस्ट की पाठनीयता के बारे में नहीं सोचा जाता।

ऑन पेज और ऑफ पेज ब्लैक हैट SEO निचे दिए तरीको से किया जाता है :

ऑन पेज ब्लैक हैट SEO

ऑन पेज ब्लैक हैट SEO में पोस्ट को, पाठको को ध्यान में न रखते हुए केवल सर्च इंजन को भ्रमित करने के हिसाब से लिखा जाता है।

जसमे कीवर्ड स्टफ्फिंग की जाती है जिसकी वजह  से पोस्ट तुरंत रैंक हो जाती है पर वह पोस्ट पढ़ने लायक नहीं होती। सर्च इंजन अल्गोरिथम जब उस पोस्ट को क्रॉल करता है, उसे पता चल जाता है के यह पोस्ट गलत तरीको से रैंक की गयी है। इसकी वजह से सर्च इंजन उस पोस्ट को कुछ समय बाद ब्लॉक कर देता है।

ऑन पेज ब्लैक हैट SEO में निचे दिए पॉइंट्स किये जाते है :

  • हर जगह सर्च कीवर्ड्स का उपयोग करना।
  • 150 से 300 बार प्रति 1000 शब्दों में सर्च कीवर्ड का उपयोग करना।
  • कभी-कभी पूरी पोस्ट में केवल कीवर्ड का उपयोग करना।

ऑफ़ पेज ब्लैक हैट SEO

ब्लैक हैट एसईओ ज्यादातर लिंक बिल्डिंग, स्पैमिंग, प्राइवेट ब्लॉग नेटवर्क, लिंक कमेंटिंग, डायरेक्टरी सबमिशन आदि के द्वारा किया जाता है।

इन तरीकों से ब्लैक हैट SEO में लिंक बनते हैं जो सर्च इंजन को यह विश्वास दिलाता है कि इस वेबसाइट को कई वेबसाइटों द्वारा रेफर किया गया है और इसे शीर्ष पर रखा जाये।

लेकिन जैसे-जैसे गूगल को पता चलता है के बैकलिंक डायरेक्टरी सबमिशन और कमेंट लिंक के माध्यम से बनाये गए हैं, सर्च इंजन इसे फर्जी लिंक मानता है और 48 घंटे से लेकर 2 सप्ताह तक के समय में वेबसाइट को ब्लॉक कर देता है।

आशा करता हु के आप दी गई जानकारी से संतुष्ट होंगे। अगर आपके कुछ प्रश्न या सुझाव हो तो निचे कमेंट कर के जरूर बताये।